Wild life News : गुरुग्राम में इस जगह जानवरों के लिए बनेंगे 6 अंडरपास, अरावली के वन्यजीवों को मिलेगी सुरक्षा
यह परियोजना शहरीकरण के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Wild life News : अरावली की पहाड़ियों में रहने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गुरुग्राम में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वन्यजीव विभाग ने दिल्ली-जयपुर हाईवे और फरीदाबाद रोड पर छह वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (वन्यजीव गलियारे) बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इन अंडरपासों का मुख्य उद्देश्य वाहनों की चपेट में आकर होने वाले जानवरों के हादसों को रोकना है।
पिछले कुछ सालों में गुरुग्राम-फरीदाबाद एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर कई दर्दनाक घटनाएं हुई हैं, जिनमें तेंदुए और अन्य वन्यजीवों की मौत हुई है। 2019 से अब तक, कई तेंदुओं की जान जा चुकी है, जिसमें 30 अगस्त को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड पर एक मादा तेंदुए की हाल ही में हुई मौत भी शामिल है। ये घटनाएं वन्यजीव विभाग और पर्यावरण प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थीं।

इस महत्वपूर्ण परियोजना को सफल बनाने के लिए वन्यजीव विभाग ने आम नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों से सुझाव मांगे हैं। जिला वन्यजीव अधिकारी ने बताया कि इन अंडरपासों के निर्माण की शुरुआत, उन जगहों की पहचान करने के बाद की जाएगी जहाँ वन्यजीवों का आवागमन सबसे ज़्यादा होता है।
वन्यजीव प्रेमियों और संगठनों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर ही इन सुरक्षित गलियारों का काम शुरू होगा।” इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि अंडरपास सही जगहों पर बनें और वन्यजीवों को अधिकतम सुरक्षा प्रदान कर सकें।

वन्यजीव प्रेमी ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पिछले दस सालों से वे इन अंडरपासों की मांग कर रहे थे। उन्होंने सुझाव दिया कि वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (देहरादून) से सर्वे करवाया जाए, ताकि इन अंडरपासों का निर्माण सही जगहों पर हो सके।
वाइल्डलाइफ कॉरिडोर ऐसे प्राकृतिक मार्ग होते हैं जो दो या दो से अधिक वन्यजीव आवासों को आपस में जोड़ते हैं। ये गलियारे जानवरों को बिना किसी जोखिम के एक जगह से दूसरी जगह जाने में मदद करते हैं।
इन अंडरपासों से कई फायदे होंगे:
- सुरक्षित आवागमन: ये अंडरपास वन्यजीवों को हाईवे के नीचे से सुरक्षित रूप से पार करने का रास्ता देंगे, जिससे जानवरों और वाहन चालकों, दोनों के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम कम होगा।
- जैव विविधता का संरक्षण: ये गलियारे वन्यजीवों के बीच आनुवंशिक प्रवाह (gene flow) को बनाए रखने में मदद करेंगे, जिससे जैव विविधता का संरक्षण होगा।
- पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन: वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवासों में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति देकर, ये गलियारे पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे।
यह परियोजना शहरीकरण के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार से जल्द ही इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है, जिससे गुरुग्राम को विकास और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने वाले एक संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।











